के.लो.नि.वि. द्वारा कार्यान्वित की जा रही प्रमुख परियोजनाएं (31 जनवरी 2009)

 

1             भारतीय खेल प्राधिकरण हेतु निर्माण

क.      राष्ट्रमण्डल खेल -2010

·        भारतीय खेल प्राधिकरण के नई दिल्ली स्थित पांच प्रमुख स्टेडियमों की मौजूदा अवसंरचना का उन्नयन। ये स्टेडियम निम्नानुसार हैं -

        1.      जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम

2.      इंदिरा गांधी इन्डोर स्टेडियम

3.      डॉ. करनी सिंह शूटिंग रेंज

4.      मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम

5.      एस पी एम स्विमिंग पूल कॉम्प्लैक्स

उपर्युक्त के अतिरिक्त

        oसभी स्थलों के लिए विस्तृत आयोजना लगभग पूरी हो चुकी है और परियोजना निष्पादन के चरण में पहुंच चुकी है। जवाहर लाल स्टेडियम, इंदिरा गांधी इन्डोर स्टेडियम, मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम, एस पी एम स्विमिंग पूल का कार्य प्रगति पर है।खेलों की शुरूआत से पहले प्रायोगिक परीक्षणों के लिए पर्याप्त रखते हुए सभी संबंधित निर्माण कार्यों को अधिकतम दिसम्बर 2009 तक पूरा करने के लिए योजना बनाई गई है। ई एफ सी द्वारा मोटे तौर पर 1100/-रू. की लागत सीमा हेतु अनुमोदन प्रदान किया गया है। इन सभी समयबध्द कार्यों के लिए एक समर्पित परियोजना दल गठित किया गया है।

ख.     कार्यान्वित किए गए प्रमुख कार्यक्रम/योजनाएं

·        आधुनिक हॉकी मैदानों तथा कृत्रिम एथलेटिक ट्रैकों के लिए मानकीकृत अनुबंधों/विनिर्देशनों आदि का विकास ।

·        कई स्थलों पर एथलेटिक्स एवं हॉकी के लिए कृत्रिम ट्रैक बिछाना।

2     बिहार में सड़कों का विकास

·        राष्ट्रीय ग्रामीण विकास योजना:

o       3000 हजार करोड़ रू. की लागत से बिहार के 33 जिलों में 2000 कि.मी. राज्य मार्ग का निर्माण ।

o    के.लो.नि.वि. को बिहार के 33 जिलों में लगभग 1705 कि.मी. राज्य मार्ग के विकास का कार्य सौंपा गया है। 2400 करोड़ रू. की लागत वाली इस परियोजना के निष्पादन हेतु केलोनिवि की मौजूदा जनशक्ति को स्थानांतरित करके पटना में एक ज़ोन का सृजन किया गया है। निर्माण कार्य को 30 सड़क पैकेजों और 25 कुल पैकेजों में विभाजित किया गया है। 2000 करोड़ रू. की लागत से लगभग 1577 कि.मी. की लम्बाई शामिल करते हुए 27 सड़क पैकेजों और 106 पुलों के लिए लगभग 17 करोड़ रू. की लागत वाले 21 पुल पैकेजों पर कार्य शुरू हो चुका है। 110 करोड़ रू. की लागत से लगभग 90 कि.मी.लम्बी सड़क वाले 2 सड़क पैकेजों के लिए ठेका दिया गया था,परन्तु एजेंसियां कार्य शुरू करने में असफल रही थीं और उनकी अग्रिम जमा राशि तथा निष्पादन की गारंटी जब्त कर ली गई थी । परन्तु माननीय उच्च न्यायालय पटना ने स्थगनादेश दिया था जिसे अंतत: समाप्त कर दिया गया है और पुन: आमंत्रित निविदाओं को स्वीकार करने की प्रक्रिया चल रही है। इससे इन निर्माण कार्यों में एक वर्ष का विलम्ब हो गया है। 71 करोड़ रू. की लागत से 12 पुलों हेतु 4 पुल पैकेजों के लिए निविदा मार्च 09 में प्रदान किए जाने की संभावना है। लगभग 38 कि.मी. सड़क वाले एक सड़क पैकेज का कार्यान्वयन बिहार सरकार द्वारा आस्थगित रखा गया है ।समग्र परियोजना वर्ष 2010-11 तक पूरा होने की संभावना है। 35 प्रतिशत वित्तीय प्रगति के साथ दिसम्बर 08 तक व्यय 860 करोड़ रू. होगा जिसके मार्च 09 तक 50 प्रतिशत वास्तविक प्रगति के साथ 1200 करोड़ रू.तक पहुंचने की संभावना है। दिसम्बर 08 तक 90 प्रतिशत वित्तीय प्रगति के साथ 900 करोड़ रू. के व्यय की संभावना है। दिसम्बर 2008 तक चौड़ा करने के लिए 80 प्रतिशत भूमि भराव कार्य, 60 प्रतिशत सड़क चौड़ा करने का कार्य,35 प्रतिशत बिटुमिनस कार्य और 50 प्रतिशत सीमेंट कंक्रीट सड़क पूरी हो जाएगी।

मौजूदा सड़क अंतिम सड़क

 

·        प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना

o       600 करोड़ रू की लागत से बिहार के 4 जिलों मं 1222 कि.मी. सड़क।

 के.लो.नि.वि. द्वारा प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत बेगुसराय, दरभंगा,मधुबनी और समस्तीपुर जिलों में ग्रामीण सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। परियोजना प्रबंधक के अंतर्गत पी.एम.जी.एस.वाई कार्य को समर्पित एक परिमंडल जून 2005 में गठित किया गया था। सम्पर्क सड़कों और विभिन्न मार्गों से जुड़ी सड़कों के निर्माण के द्वारा भारत निर्माण योजना के अंतर्गत 1000 या उससे अधिक जनसंख्या वाले सड़क विहीन ग्रामों तक सम्पर्क उपलब्ध कराया जा रहा है।

ग्रामों के ऐसे दूरस्थ क्षेत्रों में अवस्थित होने जहां तक पहुंच पाना बहुत कठिन होता है, की दृष्टि से यह कार्य चुनौतीपूर्ण है। कई स्थान बाढ़ से प्रभावित हैं और वर्षा के दौरान उनसे संपर्क टूट जाता है। पाइप पुलियों, स्लैब पुलियों,छोटे पुलों तथा कुछेक बड़े पुलों के रूप में पर्याप्त परस्पर जुड़े जल निकास मार्गों का निर्माण कार्य भी किया जा रहा है। अधिकांश क्षेत्रों में विधि एवं व्यवस्था संबंधी समस्याएं विद्यमान हैं, क्योंकि उन क्षेत्रों में नक्सली जैसे असामाजिक तत्व तथा अन्य अपराधी सक्रिय है। ठेकेदारों की संख्या कम है और असामाजिक तत्वों के डर से वे निविदा प्रस्तुत करने से हिचकते हैं ।

ग्रामीण सड़कों के विनिर्देशानुसार पी.एम.जी.एस.वाई सड़कों का निर्माण 3.75 मी.की पगडंडी चौड़ाई तथा 75 मी. की सड़क चौड़ाई के साथ किया जा रहा है। सड़क क्रस्ट में ग्रैन्यूलर उपाधार जिसकी मोटाई उपग्रेड के सी बी आर तथा यातायात की स्थिति पर आधारित होती है और सामान्यत: 200 मि.मी. होती है, के ऊपर डब्ल्यू बी एम की दो परतें ग्रेड 2 तथा 3 जिनमें से प्रत्येक 7.5 मि.मी. मोटी होती है। मरम्मत की प्रक्रिया के लिए 20 मि.मी. मोटी पूर्व मिश्रित परत बिछाई जाती है। रिहायशी इलाकों या उन इलाकों जहां बाद के दौरान सड़क के डूब जाने की संभावना होती है। 150 मि.मी. मोटे ग्रैन्यूलर उपाधार परत के ऊपर एम 30 ग्रेड कंक्रीट की 190 मि.मी. मोटी सीमेंट कंक्रीट सड़कें बनाई गई हैं।

 

विवरण

लम्बाई (कि.मी.)

निर्माण लागत

(लाख रू में )

अनुरक्षण लागत

(लाख रू में )

कुल

(लाख रू.में)

i.

एम ओ आर डी द्वारा अनुमोदित सड़क की कुल लम्बाई

1969

99547

8495

108042

ii.

ठेके पर दिया गया निर्माण कार्य

837

39888

3246

43134

 

क.

पूरा किया गया निर्माण कार्य

239

6061

630

6691

 

ख.

चल रहा निर्माण कार्य

598

33827

2616

36443

iii.

प्राप्त टेंडर

130

7750

681

8431

iv.

आमंत्रित टेंडर

721

38372

3553

41925

v.

एन आर आर डी ए को संशोधन हेतु प्रेषित
डी पी आर

606

36889

3336

40225

vi.

 निधि जारी करना व्यय

(लाख रू में )

 

वित्त वर्ष

जारी राशि

व्यय

2005-06

86.34

86.34

2006-07

3705.32

2865.49

2007-08

8568.00

6246.91

2008-09

5346.57

6533.83

महायोग

17706.23

15732.57

 

3    सामान्य पूल के आवास का निर्माण

·        आवासीय:

o       वर्ष 2007-08 के दौरान 350 नए क्वार्टर शामिल किए गए हैं।

o       दिसम्बर 2008 तक 45 नए क्वार्टर शामिल किए गए हैं।

·         गैर आवासीय:

o       वर्ष 2007-08 के दौरान 5790 वर्ग मी. क्षेत्र पर आवास कार्य पूरा किया गया।

o       दिल्ली, हैदराबाद तथा पोर्ट ब्लेयर में कार्यालय परिसर (कार्य चल रहा है)

4        सीमा सड़क निर्माण ,बाड़ लगाने तथा फ्लड लाइट् लगाने कार्य

§         भारत पाक सीमा, भारत बांग्ला देश सीमा तथा सिक्किम और उत्तरांचल में भारत चीन सीमा तक जाने वाले संपर्क मार्गों पर सीमा सड़क निर्माण ,बाड़ लगाने तथा फ्लड लाइट् लगाने कार्य ।

§         भारत बांग्ला देश सीमा पर 2558 कि.मी. लंबी सड़कों, पुलों,फ्लड लाइट् आदि के रूप में सृजित अवसंरचना का रख-रखाव।

5       भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण हेतु निर्माण कार्य

·         राष्ट्रीय राजमार्गों के समान जलमाग से भारत में वस्तुओं एवं व्यक्तियों के परिवहन जो अपेक्षाकृत अधिक किफायती हों हेतु अंतर्देशीय जलमार्गों के विकास को सुकर बनाना।

·        गुवाहाटी तथा पटना में जेटियों का नियोजन,अभिकल्पन तथा निष्पादन। 

6             अंडमान तथा निकोबार द्वीपसमूह के सुनामी पीड़ित लोगों के लिए स्थायी घरों का निर्माण।

·        इस इलाके में सुनामी पीड़ित लोगों के लिए बनाए जा रहे 9797 घरों में से 7555 केलोनिवि द्वारा बनाए जा रहे हैं।

·        दिसम्बर 2008 तक 2704 घरों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।

7        विदेश मंत्रालय , भारत सरकार की ओर से काबुल अफगानिस्तान में निर्माण कार्य। इनमे शामिल हैं:

o       निम्नलिखित स्थानों की मरम्मत और पुनर्वास का कार्य पूरा किया जा चुका है :-

§          हबीबिया विद्यालय

§         इंदिरा गांधी बाल स्वास्थय संस्थान

o       भारतीय कार्यालय भवन का योजना (जारी है) 

o       नई अफगानी संसद(जारी है)

8        नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय के लिए कार्यालय भवन जवाहर लाल नेहरू भवन।

9        देश के विभिन्न क्षेत्रों में केंद्रीय विद्यालय ।

10 अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह की सुनामी पुनर्निमाण योजना।

11   केलोनिवि द्वारा स्वास्थय क्षेत्र से संबंधित निर्माण कार्यों का निष्पादन ।

            ·   वर्तमान में केलानिवि प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजंना के अंतर्गत जम्मू , श्रीनगर , वाराणसी तथा धनबाद मे 4 अस्पतालों के नियोजन ,अभिकल्पन तथा उन्नयन में भी शामिल है। स्वास्थय एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के दिनांक 21.09.2006 के पत्र सं. जेड - 29013/13/1/2004 एस एस एच द्वारा व्यापक नियोजन अभिकल्पन तथा उन्नयन हेतु आई एम यू, बी एच यू, वाराणसी के उन्नयन का कार्य केलोनिवि को सौंपा गया था। अभिकल्पन तथा उन्नयन हेतु मै. ×हॉस्पिटेक मैनेजमैंट कंसल्टेंट्स प्रा.लि. परामर्शदाता कम्पनी को नियुक्त किया गया था । 72.93 करोड़ रू की राशि के लिए डी पी आर -1 दिनांक 20.02.2008 को पीएमसी को प्रस्तुत किया गया था जिसे स्वीकार करके निविदाएं आमंत्रित करने का निदेश दिया गया है। यह कार्य 52.15 करोड़ रू.की टेंडर राशि के साथ मै. एरा इंद्रा इंजीनियरिंग लि. नई दिल्ली को सौंपा गया है। इस कार्य को पूरा किए जाने की अनुमानित तारिख 6.06.2010 है। अस्पताल का लगभग 50 प्रतिशत का क्षेत्र वातानुकूलित होगा जिसके लिए ईसीबीसी मानदंडों के अनुसार आधुनिकतम ऊर्जा बचाने वाला स्क्रू प्रशीतन संयंत्र लगाया जाएगा । यूपीएस - 2×100 KVA तथा 2000 KVA के डी जी सेटों की वैकल्पिक व्यवस्था से आपात स्थिति में निर्बाध विद्युत आपूर्ति की जाएगी। इस भवन में 1000 लाइनों वाले ईपीबीएक्स के साथ ध्वनि संप्रेषण केंद्र और सीसीटीवी के साथ एलएएन और आई बीएमएस सुविधा भी होगी । अग्नि शमन , अपशिष्ट , पुर्नसंसाधन जैसे सभी अनिवार्य प्रबंध भी किए जाएंगे। इस अस्पताल में सामान्य शल्य चिकित्सा ,आर्थोपैडिक्स तथा संश्लिष्ट देखभाल सहित संबंधित सुपर स्पैशियलिटीज़ की सुविधा मुहैया कराई जाएगी। यह कार्य 20 माह में पूरा किया जाएगा।

                                                           चिकित्सा विज्ञान संस्थान, बी.एच.यू , वाराणसी का आधुनिकीकरण